चंदपा क्षेत्र के गांव ककोडी दरकई में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन गुरुवार को कथा व्यास पंडित श्री विनोद शर्मा नारद जी महाराज ने कथा का रसपान कराया व्यास जी ने सर्वेश्वर भगवान श्री कृष्ण ने अनेकानेक बाल लीलाएं की जो भक्तों के पापों को हर देती हैं नंद के घर पर गोपियां की भीड़ लगी रहती है गोपियों की भगवान के चरणों में प्रगाड़ प्रीति है। शिवजी व मां पार्वती ने भी आकर महारास का आनंद लिया महारास में शिव जी ने तांडव नृत्य किया। तत्पश्चात मथुरा आकर कृष्ण बलदाऊ ने कृष्ण का वध किया फिर संदीपन मुनि के आश्रम में दोनों ने शिक्षा ग्रहण की। जरासंध ने तेरह अक्षोहनी सेना लेकर कृष्ण पर मथुरा में आक्रमण किया। श्रीकृष्ण ने ब्रज वासियों को अत्याचार से बचाने के लिए रात में ही विश्वकर्मा से मदद लेकर कृष्ण नगरी का निर्माण कराया बलराम का विवाह रेवती मैया के साथ तथा श्री कृष्ण का प्रथम विवाह रुक्मणी जी के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से परीक्षित सत्यपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह,सूरजभान सिंह,नवीन सिसोंदिया, जगदीश सिंह ड्राईवर साहब,सुरेश सिंह बाबूजी,भोले नातेदार समस्त ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कलयुग में भगवान की भक्ति ही मुक्ति का प्रमुख साधन है।
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